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अरुणाई का ‘बाल अंक’





















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पूँजीवादी आधिपत्य

----------- अरुण हिंदी शब्दकोश : पूँजीवादी आधिपत्य : जीवित रहने के लिए मनुष्य खाने-पीने की चीजें पैदा करते हैं; पहनने के लिए कपड़े बनाते हैं, रहने के लिए घर बनाते हैं। इस क्रम में वे आपस में उत्पादन का सम्बन्ध कायम करते हैं। भारत में लोक की भूमिका निर्णायक थी जो सभी को आपसी सामंजस्य और संतुलन के साथ गुजर-बसर करने की अनुमति प्रदान करता था। बाद में औद्योगिक पूँजीवाद ने लोक-संस्कृति अथवा ग्राम-स्वराज की सार्वभौम धारणा को खंडित कर दिया। उसने औद्योगि पूँजीवाद की जो अवधारणा रखी उसमें बड़ा पूँजीपति छोटे पूँजीपति को खा जाता है। वह मजदूरों की श्रम-शक्ति का ही अपहरण नहीं करता, वरन् छोटे पूँजीपतियों का, उनके व्यवसाय का, अपहरण भी करता है। वर्तमान में पूँजी का केन्द्रीकरण जिस खतरनाक तरीके से हो रहा है, भयावह है। यह पूँजीवादी आधिपत्य की नई स्थिति है जिसमें बाज़ार पूँजीकरण के सहारे वैश्विक कब्जे की तैयारी अन्दर ही अन्दर की जाती है। पूँजीपति जो काम करते हैं वह यह है कि उत्पादन के साधनों में तेजी से तरक्की करते हैं। इस तरह वे बड़े पैमाने पर बिकाऊ माल पैदा करते हैं। इस बिकाऊ माल से पिछड़े हुए दे...

अन्तरात्मा

--------- अरुण हिंदी शब्दकोश : अन्तरात्मा :  अन्तरात्मा ईश्वर द्वारा निर्मित नहीं है। यदि वास्तव में वह ईश्वर प्रदत होती, तो भिन्न-भिन्न समाज के व्यक्तियों की अन्तरात्माएँ भिन्न-भिन्न न होतीं। ईश्वर एक है, यदि वास्तव में उसने धर्म के नियम बनाए हैं। एक समाज के व्यक्ति की अन्तरात्मा प्रायः दूसरे समाज के व्यक्ति की अन्तरात्मा के अनुसार नहीं होती। मनुष्य की अन्तरात्मा केवल उसी बात को अनुचित समझती है जिसको समाज अनुचित समझता है। इसलिए यह निश्चयपूर्वक कहा जा सकता है कि अन्तरात्मा समाज द्वारा निर्मित है। मनुष्य के हृदय में समाज के नियमों के प्रति अन्धविश्वास और पूर्ण श्रद्धा को ही अन्तरात्मा कहते हैं। समाज से पृथक उसका कोई अस्तित्व नहीं है।